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सोमवार, 6 अप्रैल 2020

गौरव वाजपेयी 'स्वप्निल' की बाल कविता 'चलो चलें! नानी के घर'

हवा चल रही सर सर सर
चलो चलें! नानी के घर।
गर्मी की आई छुट्टी
है ना ! कितना शुभ अवसर।
बड़की मौसी जी के सँग
गुड्डू भइया आएँगे।
काकू की बगिया जाकर
आम तोड़ हम खाएँगे।
वहाँ हमारे सब मामा,
फिर बोलो जी किसका डर!
चिंटू मामा बोले थे 
कैरम-लूडो लाएँगे।
रोज शाम चिड़िया-बल्ला
खेलेंगे-खिलवाएँगे।
रोज रात हम खेलेंगे 
अंत्याक्षरी बैठ छत पर!
थोड़े दिन को बस्ते की
कर दी है हमने छुट्टी।
आओ! कथा-कहानी की
पी जाएँ मिलकर घुट्टी।
नाना जी  भी आए हैं 
कई किताबें कल लेकर!
गौरव वाजपेयी 'स्वप्निल'
जन्मतिथि-15 अगस्त 1977
जन्मस्थान-शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा-एम बी ए (मार्केटिंग इकोनॉमिक्स) (लखनऊ विश्वविद्यालय)
प्रकाशन : जनसत्ता, दैनिक ट्रिब्यून, राजस्थान पत्रिका, पंजाब केसरी, दैनिक अमृत विचार, दैनिक हिंदी मिलाप, दैनिक विजय दर्पण टाइम्स, दिन प्रतिदिन, बाल प्रभात, बाल वाटिका, बाल किलकारी, अभिनव बालमन, बच्चों का देश, चिरैया, बाल भारती, स्नेह, टाबरटोली, बालप्रभा, उजाला, संगिनी, साहित्य समीर दस्तक, उपनिधि, ककसाड़, मुक्त विचारधारा, इन्दौर समाचार, प्रिय पाठक, दैनिक किरणदूत, घटती घटना आदि पत्र/पत्रिकाओं में बालकविताएँ/बालकहानियाँ प्रकाशित
सम्पर्क सूत्र-
गौरव वाजपेयी "स्वप्निल"
(कर अधिकारी)
जिला पंचायत परिसर
निकट-सन्तोषी माता मन्दिर
गोंडा रोड
बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)
पिन कोड-271201
मोबाइल नम्बर-8439026183, 7983636782

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