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रविवार, 5 जून 2011

मूंछे नत्थू लाल की - डा. रोहिताश्व अस्थाना


6 टिप्‍पणियां:

  1. मूँछें तो दोनों की ही बढ़िया हैं!

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  2. बहुत सुन्दर बाल गीत...मजा आगया

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  3. इस कविता पर फेस बुक पर साकेत अस्थाना की टिप्पणी



    Saket Asthana June 6 at 6:20am Report
    This is really a nice piece of work. I really respect you Nagesh bhai for your efforts to develop such a good platform for Bal Shahiytya. Thanks . Do you have any plan to translate these original works in English? If yes, it would be nice to provide such a wonderful literature to kids all over the world. Thanks ................Saket

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