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सोमवार, 7 मई 2018

कमलेश द्विवेदी का बाल गीत - हमारे दादा जी

सीधे-सादे नेक हमारे दादा जी. 
लाखों में हैं एक हमारे दादा जी. 
हमें खिलाते लड्डू-पेड़ा-रसगुल्ला, 
टॉफी-बिस्कुट-केक हमारे दादा जी. 

सैर करायें, कहें कहानी, सँग खेलें, 
करते काम अनेक हमारे दादा जी. 

चाहे जितना खेलें उधम मचायें हम,
नहीं लगाते ब्रेक हमारे दादा जी. 
पापा-मम्मी डाँटें-मारें ग़लती पर, 
क्षमा करें मिस्टेक हमारे दादा जी.
 कमलेश द्विवेदी 
पिता: स्व. प्रेमनाथ द्विवेदी "रामायणी"
माता: श्रीमती सुशीला देवी
जन्म तिथि: 25अगस्त 1960
शिक्षा: परास्नातक,विधि स्नातक
सृजन: मुख्यतः हास्य-व्यंग्य रचनाएँ साथ ही गीत-ग़ज़ल एवं बालगीत भी
प्रकाशन: पत्र पत्रिकाओं में बालगीत प्रकाशित
सम्मान: चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट,भारतीय बाल कल्याण संस्थान,सुभाष चिल्ड्रेन सोसायटी आदि संस्थाओं से बाल साहित्य सृजन हेतु सम्मानित
सम्प्रति: एडवोकेट/स्वतंत्र लेखन 
संपर्क: 119/427 दर्शन पुरवा,कानपुर-208012 (उ.प्र.)
मो.09415474674/09140282859


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