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सोमवार, 9 मई 2011

मिस्टर मच्छर - चन्द्रपाल सिंह यादव ' मयंक '






 बाल कविता :चन्द्रपाल सिंह यादव ' मयंक ' 
मिस्टर मच्छर रात-रात भर ,
गाना गाते भन-भन-भन.
उनका गाना बड़ा सुहाना ,
लेकिन उनसे डरते हम .
कभी नाक में , कभी कान में ,
वह चुटकी ले लेते हैं .
मच्छरदानी में घुस कर हम , 
उनको चकमा देते हैं . 
वह बाहर से झूम-झूम कर
 सा रे गा मा गाते हैं . 
हम अंदर लेटे - लेटे ही , 
मुक्का उन्हें दिखाते हैं . 
चन्द्रपाल सिंह यादव ' मयंक ' 
जन्म : १ सितम्बर , १९२५ , कानपुर
शिक्षा : एम्. ए. (हिंदी ), एल-एल. बी .  
५० से अधिक पुस्तकें प्रकाशित 
निधन :  २६ जून ,२००० 

7 टिप्‍पणियां:

  1. मिस्टर मच्छर.... बहुत सुन्दर

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  2. मिस्टर मच्छर रात-रात भर ,
    गाना गाते भन-भन-भन.
    बहुत सुन्दर

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  3. sunder kavita. natkhatpan se bhari hui.vakai, achchhi kavita chuni tumne nagesh. pahle padhi hui thi. per dobara padhakar aur sukh mila.
    phi prastuti tumhari bahut sunder hai.manmohak.
    sasneh, p manu

    उत्तर देंहटाएं

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